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Sunday, 20 October 2019

वचन और नारे

वचन और नारे
नाम

इन्‍कलाब जिंदाबाद
भगत सिंह
दिल्‍ली चलो
सुभाष चंद्र बोस
करो या मरो
महात्‍मा गांधी
जय हिंद
सुभाष चंद्र बोस
पूर्ण स्‍वराज्‍य
जवाहर लाल नेहरू
हिंदी, हिंदू, हिंदोस्‍तान
भारतेंदु हरिश्‍चंद्र
वेदों की ओर लौटो
दयानंद सरस्‍वती
आराम हराम है
जवाहर लाल नेहरू
हे राम
महात्‍मा गांधी
भारत छोड़ो
महात्‍मा गांधी
जय जवान, जय किसान
लाल बहादुर शास्‍त्री
(1965 में, पाकिस्‍तान युद्ध के समय)
मारो फिरंगी को
मंगल पांडे
जय जगत
विनोबा भावे
कर मत दो
सरदार वल्‍लभ भाई पटेल
संपूर्ण क्रांति
जयप्रकाश नारायण
विजयी विश्‍व तिरंगा प्‍यारा
श्‍याम लाल गुप्‍ता पार्षद
वंदे मातरम्
बंकिमचंद्र चटर्जी
जन-गण-मन अधिनायक जय हे
रवींद्र नाथ टैगोर
साम्राज्‍यवाद का नाश हो
भगत सिंह
स्‍वराज्‍य हमारा जन्‍मसिद्ध अधिकार है
बाल गंगाधर तिलक
सरफरोशी की तमन्‍ना अब हमारे दिल में है
राम प्रसाद बिस्मिल
सारे जहां से अच्‍छा हिन्‍दोस्‍तां हमारा
अल्‍लामा इकबाल
तुम मुझे खून दो मैं तुम्‍हें आजादी दूंगा
सुभाष चंद्र बोस
साइमन कमीशन वापस जाओ
लाल लाजपत राय
हू लिव्‍स इफ इंडिया डाइज
जवाहर लाल नेहरू
मेरे सिर पर लाठी का एक-एक प्रहार, अंग्रेजी शासन के ताबूत की कील साबित होगा
लाला लाजपत राय
मुसलमान मूर्ख थे, जो उन्‍होंने सुरक्षा की मांग की और हिंदू उनसे भी मूर्ख थे, जो उन्‍होंने उस मांग को ठुकरा दिया.
अबुल कलाम आजाद

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